भगवान श्री कृष्ण अर्जुन को संबोधित करते हुए संपूर्ण ब्रह्मांड से कहते हैं
कोई भी मनुष्य या जीव अपने भविष्य को नहीं देख सकता है फिर भी वह कल्पनाओं, इच्छाओं और खुशहाल जीवन की आशा लिए वर्तमान में फैसले करता है.
लेकिन भविष्य की आकांक्षा के साथ वह वर्तमान को योजनाओं को बनाने में व्यतीत कर देता है अतः मनुष्य को अपना अधिकतर समय योजनाओं को बनाने में व्यतीत नहीं करना चाहिए उसको चाहिए कि वह वर्तमान का सुख ले और वर्तमान में लिए गए निर्णय के आधार पर ही भविष्य का निर्माण होता है अतः फैसले सही हो उचित हो जिससे एक अच्छे भविष्य का निर्माण हो. इसका असर परिवार के साथ साथ समाज पर भी पड़ता है कि आपके लिए गए फैसले कैसे थे.
अजय शर्मा "एकलव्य"
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