जीने की राह
अगर आप सालों से एक नौकरी पर हैं और अचानक आपके काम का स्वभाव बदल जाता है, तो आप कहीं न कहीं यह मानने लगते हैं कि आपकी पदावनति हुई है। अगर इससे ऊपर उठ कर सोचें तो आप इस स्थिति का फायदा भी उठा सकते हैं।
ओशो कहते थे, ‘किसी भी उम्र में नया सीखने की इच्छा या अपने आपको नए तरह से पेश करना एक कला है। जिस तरह एक बच्चा अपनी शुरुआती शिक्षा में हर नई बात सीखने को उत्सुक रहता है, उस तरह एक वयस्क को भी हर हाल में नयेपन को आत्मसात करने की आदत डालनी चाहिए।’
डर से डरें नहीं
विजेता- हर विजेता के पास अपने आगे आने और चुनौतियों से निपटने की एक कहानी होती है। डर उन्हें भी लगता है। पर वे जल्दी से उसका मुकाबला करना सीख लेते हैं।
अपने आपको पहचानें-अगर आपके सामने ऐसी स्थिति आ गई है, तो उससे बचने के बजाय अपने अंदर झांकें। क्या आप यह काम कर पाएंगे? दोस्तों व विशेषज्ञों की सलाह लें। पर अंततरू करें वही, जो दिल कहे।

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